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अमेरिका से तनाव के बीच ईरानी राजदूत ने चाबहार पोर्ट को बताया भारत-ईरान साझेदारी का प्रतीक, जानें और क्या कहा

Edited By: Amit Mishra @AmitMishra64927
Published : Feb 10, 2026 07:17 am IST, Updated : Feb 10, 2026 07:17 am IST

भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने अमेरिका के साथ चल रहे तनाव के बीच भारत के संबंधों को मजबूत बताया है। उन्होंने कहा कि चाबहार बंदरगाह परियोजना भारत और ईरान के बीच मजबूत साझेदारी का प्रतीक है।

Secretary (West) in the Ministry of External Affairs, Sibi George (L) Iran Ambassador to India, Moha- India TV Hindi
Image Source : AP Secretary (West) in the Ministry of External Affairs, Sibi George (L) Iran Ambassador to India, Mohammad Fathali (R)

नई दिल्ली: अमेरिका से जारी तनाव के बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने कहा कि चाबहार बंदरगाह परियोजना भारत और ईरान के बीच मजबूत साझेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह साझा विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भारत में ईरानी दूतावास की ओर से आयोजित ईरानी राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर एक स्वागत समारोह में बोलते हुए, राजदूत फथाली ने कहा कि भारत और ईरान के बीच संबंध हजारों साल के साझा इतिहास और सभ्यता से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह समृद्ध विरासत द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार करने के लिए बेहद मूल्यवान संपत्ति है।

मजबूत हैं भारत-ईरान संबंध

विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने स्वागत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने @Iran_in_India द्वारा आयोजित ईरानी राष्ट्रीय दिवस स्वागत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने ईरान की सरकार और लोगों को हार्दिक बधाई दी और द्विपक्षीय संबंधों के प्रति भारत की स्थायी प्रतिबद्धता को दोहराया।"

अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक भारत की पहुंच

भारत ने 2003 में चाबहार बंदरगाह को विकसित करने का प्रस्ताव दिया था। चाबहार को विकसित करने का मकसद पाकिस्तान को दरकिनार करते हुए अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे के तहत सड़क और रेल कनेक्टिविटी के माध्यम से भारतीय सामानों को लैंडलॉक अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंचने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करना है। ईरान के संदिग्ध परमाणु कार्यक्रम से जुड़े अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण यह परियोजना प्रभावित भी हुई है।

भारत-ईरान के बीच हुआ समझौता

बंदरगाह पर भारत की भूमिका को चालू करने के लिए, इंडियन पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) और ईरान के पोर्ट एंड मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन के बीच एक दीर्घकालिक समझौता किया गया था। यह समझौता चाबहार बंदरगाह में शाहिद बेहेश्टी टर्मिनल पर भारत की भूमिका को कवर करने वाले 2016 के शुरुआती समझौते की जगह लेता है, जिसे सालाना बढ़ाया गया था।

चाबहार से मिली बड़ी मदद

इस बीच यहां यह भी बता दें कि, हाल के वर्षों में चाबहार का इस्तेमाल अहम शिपमेंट के लिए किया गया है, जिसमें 2023 में अफगानिस्तान को 20,000 टन गेहूं की मदद भेजना शामिल है। 2021 में इस बंदरगाह का इस्तेमाल ईरान को पर्यावरण के अनुकूल कीटनाशक भेजने के लिए भी किया गया था। यह बंदरगाह भारत और ईरान के बीच मजबूत साझेदारी की अहम कड़ी है।

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